अल्मोड़ा – लोक कला ऐपण को संजोने वाली इस महिला के स्टाल में जानिये क्या है खास?

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अल्मोड़ा नगरी जो अपनी संस्कृति के लिए काफी प्रसिद्ध है, यह नगरी अपनी संस्कृति के लिए ना केवल उत्तराखंड बल्कि पुरे भारत में विख्यात है। यह नगरी ने न जाने कितने ही कलाकारों को जन्म दिया है जो हर क्षेत्र में आज मुकाम छू रहे हैं, आज जहाँ लोकल वोकल को लोग बहुत सपोर्ट कर रहे हैं और अपनी प्रतिभा के माध्यम से उसमें रोजगार तलाश रहे हैं। साथ ही सभी के द्वारा इन लोकल प्रोडक्ट्स को पसंद भी किया जा रहा है।

इस कड़ी में आज आज हम बात कर रहे हैं अल्मोड़ा की एक बेटी से जो इस समय जो हस्तनिर्मित ऐपण आर्ट का व्यवसाय चला रही है. अल्मोड़ा के लाला बाज़ार में यह स्टाल देखने में तो छोटा लगता है लेकिन इसके पीछे अथक मेहनत और कला को संजोने की सोच लगी है.

उत्तराखंड न्यूज़ एक्सप्रेस से बात करते हुए हस्तनिर्मित ऐपण आर्ट का व्यवसाय चला रही एकता ने बताया की ” हम हमारी लोक कला को लेकर अपना एक छोटा सा हस्तनिर्मित ऐपण आर्ट का व्यवसाय चला रहै हैं।, हमारे द्वारा चलाया जा रहा व्यवसाय पूर्ण रूप से ऐपणकला पर बेस है हमारे द्वारा बनाए गया सामान ऐपणकला पर बनाया जाता हैं। और इसमें मैं और मेरी टीम बहुत मेहनत के साथ काम करते है”

मैं करीब 5-6 सालो से इस लोक कला में कार्य कर रही हूँ और इसमें मैने सेल्फ अध्यन करके इस कला को समझा इसमें काम किया और और अधिक इसकी बारीकियों को समझना मैने अपनी गुरु मीरा जोशी से सीखा, जिनका में आभार प्रकट करती हूँ।

जब हमने पुछा की इस बार इसमें क्या नया है तो उस पर एकता ने जवाब दिया

हमने इसबार कुछ नया करने का सोचा, तो हम इस बार अल्मोड़ा बाज़ार में ऐपण की रखिया लेकर आयें है, जिन को काफी संख्या में पसंद किया जा रहा है। यह राखियां हैंड मेड राखी है जोकि हाथों से ऐपण को लेकर बनाई गई है । हमारी राखियों की खरीददारी भी काफी हो रही है। हमने ये राखियां ऐपण पर बनाई है ताकि लोग अपने भाइयों के लिए कुछ नया खरीद सके। इन राखियों में मोती से बनी राखी, ऐपण राखी, ऐपणनाम लिखी हुई राखी , ऐपण फोटो रखी ,ऊन से बनी रखी, ओम ,श्री , राखियाँ सम्मिलित हैं। सबसे ज्यादा जो राखी पसंद की जा रही हैं वे हैं मौली राखी तथा मेरा भाई ऐपण नाम रखी।।

अभी तक हमने हल्द्वानी, लखनऊ ,आगरा ,बनारस जयपुर ,देहरादून ,दिल्ली, पटना तथा अन्य शहरों में अपनी राखियाँ भिजवाई हैं। ये सभी ऑडर हम आपने सोशल मीडिया से हमारे इंस्ट्रगराम, फेसबुक, वेबसाईट, से ले रहे है ।। हमारा सोशल अकाउ है Aipan art studio के नाम से जहा से कोई भी हमें aipan का कुछ भी समान बनने का ओडर दे सकता है हम लोग उनके घरों तक समान भिजवा रहे है हमारे द्वारा बनायी जा रही राखियाँ इतनी बजट फ्रेंडली हैं कि कोई भी व्यक्ति इन्हें खरीद सकता है।

राखियों की कीमत 10₹ से शुरु है। तो आप भी अपने भाई की कलाई में हाथ से बनी इन सुन्दर राखियों को बांध सकते हैं तथा हमारे लोकल स्मॉल बिज़नेस को अपना सपोर्ट दे सकते है हम हमेशा प्रयास करते हैं कि हमारे द्वारा बनायी गयी हर चीज हस्तनिर्मित ओर ऐपण पर हो, जैसे राखी,पूजा थाल , कुशन कवर , नेम प्लेट , चोकीया, आदि। ताकि जो भी व्यक्ति हमसे खरीददारी करे उसको हस्तनिर्मित की अहमियत समझ आये और साथ ही हमारे द्वारा उसे बनाने में दिए गए समय और प्यार की भी तभी लोग हस्तनिर्मित और बाजार में मिल रही रेडीमेड चीजों के मध्य अंतर समझ पायेंगे।।।

अगर आप भी इस तरह उत्तराखंड की लोक संस्कृति संजो रहें हैं या किसी भी तरह के उत्तराखंड से सम्बंधित कलाकार है तो उत्तराखंड न्यूज़ एक्सप्रेस से ज़रूर संपर्क करे, लोक संस्कृति को प्रसिद्धि दिलाना उत्तराखंड न्यूज़ एक्सप्रेस के मुख्य उद्देश्यों में से एक है.

 

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