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जानिये कौन है पिथौरागढ़ के अजय जिन्हें मिला है ‘नेशनल यूथ अवार्ड’?

पिथौरागढ़ – आज प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक युवक के साथ फोटो अपलोड किया, फोटो में देखा जा सकता है की मुख्यमंत्री तथा युवक ने सर्टिफिकेट और मैडल पकड़ा हुआ है.

यह सर्टिफिकेट तथा मैडल युवक को केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने युवको को नेशनल यूथ अवार्ड से सम्मानित करते हुए दिया है.

युवक का नाम अजय ओली है तथा यह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के रहने वाले हैं मूलरूप से टाणा निवासी अजय (29) ने वर्ष 2015 में बच्चों के लिए जीवन समर्पित कर लखनऊ से नंगे पांव पैदल यात्रा शुरू कर अपने अभियान की शुरुआत की।

अजय का कार्य इसीलिए ही ख़ास बन जाता है की इन्होने प्राइवेट नौकरी छोड़कर अपना जीवन ऐसे बच्चों के लिए नौछावर कर दिया जिनके बचपना कठिन दौर से गुज़र रहा है.

देश के 110 से अधिक शहरों , आठ राज्यों तथा 1300 से अधिक संस्थानों में जाकर तीन लाख से अधिक लोगो को जागरूक करने वाले अजय ने होटल मैनेजमेंट और टूरिज्म में मास्टर्स किया है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया अकाउंट पर अजय की फोटो शेयर करते हुए लिखा की “पिथौरागढ़ निवासी श्री अजय ओली को राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्राप्त करने पर हार्दिक शुभकामनाएं। बाल मजदूरी एवं भीख मांगने के खिलाफ काम करते हुए बाल-कल्याण के क्षेत्र में आपका योगदान सराहनीय है।”

“अजय ओली लिम्का बुक व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स धारक हैं तथा बाल श्रम व भीख के खिलाफ लगभग 8 राज्यों, 109 शहरों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 98000 कि.मी. से अधिक नंगे पैर पैदल यात्रा कर चुके हैं। आपके इस अविस्मरणीय कार्य पर मुझे और समस्त प्रदेशवासियों को गर्व है।”

अजय ने अपनी सफलता का श्रेय स्व. दादाजी घनश्याम ओली, माता धनेश्वरी देवी, पिता गिरीश ओली, बुआ प्रेमा सुतेड़ी, भाई अमित ओली, पूर्व डीएम सी रविशंकर, पूर्व सीओ शेखर सुयाल, युवा संयोजक ध्रुव डोगरा, नितिन मारकाना, पूजा भट्ट को दिया।

इससे पहले अजय ओली लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज करवा चुके हैं। उन्होंने सभी लोगों से बच्चों का भविष्य बचाने में सहयोग की अपील की है। कहा कि इसके लिए बाल भिक्षा और बाल श्रम रोकें और बच्चों को शिक्षा से जोड़ें। घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी इस मुहिम में हरसंभव अपना योगदान देगी।

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