Headline
पीएम मोदी के कार्यक्रम में किच्छा के युवक को किया गया नोमिनेट
सुप्रीम कोर्ट की फटकार : हरक सिंह रावत और किशन चंद को कॉर्बेट नेश्नल पार्क मामले में नोटिस
उत्तराखंड के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में CM धामी ने किया छठवें वैश्विक आपदा प्रबंधन सम्मेलन का शुभारम्भ
उत्तराखंड में निर्माणाधीन टनल धंसने से बड़ा हादसा, सुरंग में 30 से 35 लोगों के फंसे होने की आशंका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पर हादसा, अचानक टूट गया कांच का ब्रिज, 30 फीट नीचे गिरकर पर्यटक की मौत
81000 सैलरी की बिना परीक्षा मिल रही है नौकरी! 12वीं पास तुरंत करें आवेदन
देश के सबसे शिक्षित राज्य में चपरासी की नौकरी के लिए कतार में लगे इंजीनियर, दे रहे साइकिल चलाने का टेस्ट
Uttarakhand: पहली बार घर-घर किया गया विशेष सर्वे, प्रदेश से दो लाख मतदाता गायब, नोटिस जारी
Uttarakhand: धामी सरकार का एलान, राज्य स्थापना दिवस तक हर व्यक्ति को मिलेगा आयुष्मान कवच

उत्तराखंड में ड्रोन से डायग्नोस्टिक सर्विसेज की शुरूआत की पहली ट्रायल

देहरादून। रेडक्लिफ लैब्स, भारत की सबसे तेजी से बढ़ती डायग्नोस्टिक सर्विस प्रोवाइडर और स्काई एयर मोबिलिटी, ड्रोन डिलीवरी लॉजिस्टिक्स कंपनी, ने 6 दिसंबर को उत्तराखंड में ड्रोन से डायग्नोस्टिक सर्विसेज की ट्रायल उड़ान भरी। इस दौरान उत्तरकाशी से सहस्त्रधारा, देहरादून के लिए लंबी अवधि की ड्रोन पायलट उड़ानें शुरू कीं गई। पहली उड़ान में टेस्ट सैम्पल्स को उत्तरकाशी में उनके कलेक्शन सेंटर से ड्रोन डिलीवरी के माध्यम से देहरादून रेडक्लिफ लैब्स को भेजे गए और इसमें सिर्फ 90 मिनट का ही समय लगा। उत्तरकाशी के निवासियों को और राहत देते हुए रेडक्लिफ लैब्स किफायती और हाई क्वालिटी डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करेगी। इस क्षेत्र में अब नियमित और स्पेशलाइज्ड टेस्ट्स सैम्पल कलेक्शन दोनों के लिए दैनिक आधार पर फ्लाइट्स का संचालन किया जाएगा। सैम्पल्स को ड्रोन के माध्यम से ट्रांसपोर्ट करने वाली भारत की पहली डायग्नोस्टिक कंपनी होने के नाते, रेडक्लिफ लैब्स यह सुनिश्चित कर रही है कि छोटे शहरों या दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उच्च-गुणवत्ता वाली किफायती डायग्नोस्टिक्स सर्विस प्राप्त हो।

पहाड़ों में जिन स्थानों तक सड़क से पहुंचना काफी मुश्किल होता है, वहां की चुनौतियों को खत्म करने के लिए ड्रोन की भूमिका तेजी से बढ़ रही है और ये काफी महत्वपूर्ण है। उत्तरकाशी स्काई हब से देहरादून स्काई हब तक ड्रोन पायलट उड़ानें डिलीवरी के समय को कम कर देंगी। अभी इस दूरी को सड़क मार्ग से तय करने में 6-8 घंटे लगते हैं और भूस्खलन आकि किसी आपदा के दौरान इसमें 12 घंटे तक लग जाते हैं। वहीं ड्रोन से ये दूरी सिर्फ 1.5 घंटे में ही आसानी से तय की जा सकती है। स्काई एयर के सेंट्रल कमांड सेंटर, गुरुग्राम को रियल टाइम में उड़ान की जानकारी प्रदान करते हुए, दोनों सेंटर्स पर कनेक्टेड स्काई हब के माध्यम से यह अपनी तरह की पहली एंड-टू-एंड डिलीवरी होगी।
इसके साथ ही रियल टाइम पेलोड हेल्थ निगरानी भी होगी।

उत्तराखंड में ड्रोन पायलट उड़ानें शुरू करने पर प्रतिक्रिया देते हुए, रेडक्लिफ लैब्स के संस्थापक, धीरज जैन ने कहा कि “उत्तरकाशी के पहाड़ी इलाके को देखते हुए, इस क्षेत्र में सीमित कनेक्टिविटी है जो उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सर्विसेज को प्राप्त करना काफी मुश्किल बना देती है। ऐसे में, हमारे उत्तरकाशी स्काई हब से देहरादून स्काई हब तक ड्रोन पायलट उड़ान शुरू करने का लक्ष्य राज्य के हर हिस्से को उच्च गुणवत्ता वाले डायग्नोस्टिक सेंटर से प्रभावी ढंग से जोड़ना है। देहरादून में हमारी लैब सर्विसेज के साथ उत्तरकाशी के निवासियों को जोड़ने के लिए हमारी टीम बहुत खुश है। आसान और विश्वसनीय पहुंच के कारण निवासियों को अब अपनी डायग्नोस्टिक जरूरतों के लिए बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। गौरतलब है कि ड्रोन डिलीवरी की मदद से इन नमूनों के लिए टर्नअराउंड टाइम (टीएटी) सैम्पल प्राप्त करने और रिपोर्ट तैयार करने के प्रोसेस को एक ही दिन तक बनाए रखा जा सकता है, जो आमतौर पर उत्तरकाशी जैसी जगहों पर काफी लंबा हो जाता था।”

अंकित कुमार, सीईओ, स्काई एयर मोबिलिटी ने कहा कि “लॉजिस्टिक्स का वर्तमान स्वरूप ऐसे भौगोलिक क्षेत्र में हेल्थकेयर इंडस्ट्री के लिए अधिक प्रभावी नहीं रह गया है। ऐसे में एक ऐसे समाधान की आवश्यकता है जो एक तेज, सस्टेनेबल और स्केलेबल सप्लाई प्रदान कर रहा हो और ड्रोन इस समस्या के समाधान में काफी अच्छी तरह से फिट होते हैं जो कि सैम्पल की लिफ्टिंग डिलीवरी, प्रभावी तौर पर करते हैं। हम रेडक्लिफ लैब्स के साथ अपनी साझेदारी को लंबी अवधि की उड़ानें शुरू करने के अगले स्तर तक ले जाने के लिए उत्साहित हैं, जिससे उत्तरकाशी के निवासियों को ऐसी सेवाओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी। स्काई एयर बड़े पैमाने पर जीवन को बेहतर करने के मिशन की दिशा में एक साथ काम कर रहा है और यहां हमारे भागीदारों के साथ, हम उस सफर में एक कदम आगे हैं।”

उल्लेखनीय है कि लंबी अवधि की ड्रोन पायलट उड़ानें भी रेडक्लिफ और स्काई एयर के बीच इस सहभागिता का एक हिस्सा हैं। पिछले कुछ महीनों में, इन दोनों ने उत्तर भारत में 50 से अधिक सफल टेस्ट फ्लाइट्स की हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top