Headline
पीएम मोदी के कार्यक्रम में किच्छा के युवक को किया गया नोमिनेट
सुप्रीम कोर्ट की फटकार : हरक सिंह रावत और किशन चंद को कॉर्बेट नेश्नल पार्क मामले में नोटिस
उत्तराखंड के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में CM धामी ने किया छठवें वैश्विक आपदा प्रबंधन सम्मेलन का शुभारम्भ
उत्तराखंड में निर्माणाधीन टनल धंसने से बड़ा हादसा, सुरंग में 30 से 35 लोगों के फंसे होने की आशंका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पर हादसा, अचानक टूट गया कांच का ब्रिज, 30 फीट नीचे गिरकर पर्यटक की मौत
81000 सैलरी की बिना परीक्षा मिल रही है नौकरी! 12वीं पास तुरंत करें आवेदन
देश के सबसे शिक्षित राज्य में चपरासी की नौकरी के लिए कतार में लगे इंजीनियर, दे रहे साइकिल चलाने का टेस्ट
Uttarakhand: पहली बार घर-घर किया गया विशेष सर्वे, प्रदेश से दो लाख मतदाता गायब, नोटिस जारी
Uttarakhand: धामी सरकार का एलान, राज्य स्थापना दिवस तक हर व्यक्ति को मिलेगा आयुष्मान कवच

लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी को पद्म दिलवाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करेगी धामी सरकार

देहरादून – उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी, जो की उत्तराखंड लोकगीत के पहचान के तौर पर भी जाने जातें हैं, धामी सरकार केद्र से अनुरोध करेगी की उन्हें पद्म पुरूस्कार से सम्मानित किया जाये. हम जानतें है की जैसे जैसे प्रदेश के युवा उत्तराखंडी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं वैसे समय में लोकगीत के द्वारा संस्कृति सहेजना काफी जटिल कार्य हो जाता है. आज उत्तराखंड में चुनिन्दा लोकगायक ही मौजूद हैं जिन्हें उँगलियों पर गिना जा सकता है.

आपको बताते चलें की 12 अगस्त को लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी का जन्मदिन था जिस पर सीएम धामी ने दो पोस्ट कार डाली, पहली पोस्ट में लोकगायक को जन्मदिन की बधाई दी गयी वहीँ दूसरी पोस्ट में भी बधाई देते हुए कहा की पद्म पुरूस्कार के लिए केंद्र सरकार को अपनी संस्तुति प्रेषित की जाएगी.

सीएम धामी ने कहा कि उनके गीत राज्यवासियों को अपनी परंपराओं से जोड़ने में मददगार रहे हैं और उन्होंने गढ़वाल, कुमाऊं तथा जौनसार सहित पूरे उत्तराखंड की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य किया है जिससे राज्य की अलग पहचान बनी है। धामी ने नरेंद्र सिंह नेगी के जीवन चरित्र पर आधारित पुस्तक ‘सृजन से साक्षात्कार का विमोचन भी किया।

उन्होंने इस मौके पर नेगी सहित प्रदेश के अन्य लोक संस्कृति के रचनाकारों तथा लोक गायकों जैसे मोहन उप्रेती, गिरीश तिवारी ‘गिरदा’, हीरा सिंह राणा, शमशेर सिंह, जीत सिंह नेगी, चंद्र सिंह राही के जीवन परिचय एवं रचनाओं का अभिलेखीकरण कर उन्हें पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य सूचना विभाग या संस्कृति विभाग द्वारा किया जायेगा। वहीं, नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि समाज के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का उनका प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका सदैव प्रयास रहा है कि अपने प्रदेश में रहकर अपने लोगों की दुश्वारियों और पीड़ा को समाज के सामने ला सकूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top